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    सचिव नराकास एवं राजभाषा अधिकारी, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय बीकानेर की ओर से राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए प्रसारितसचिव नराकास एवं राजभाषा अधिकारी, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय बीकानेर की ओर से राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए प्रसारितसचिव नराकास एवं राजभाषा अधिकारी, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय बीकानेर की ओर से राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार 


बड़ी खबरें

  • मुख्यमंत्री की निवेश पर अमेरिकी कंपनियों से हुई चर्चा

    नये उद्योगों के लिये 20 नये औद्योगिक क्षेत्र हो रहे हैं तैयार
    भोपाल. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है उद्योगों की स्थापना में तेजी लाने के लिये 20 नये औद्योगिक क्षेत्रों में जरूरी अधोसंरचनाओं का विकास किया जा रहा है। अमेरिका यात्रा के तीसरे दिन आज न्यूयार्क में निवेशकों और अमेरिकी कंपनियों से चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश का औद्योगिक विकास फास्ट ट्रेक पर है। एक दशक पहले और आज के मध्यप्रदेश में जमीन-आसमान का फर्क है। आज मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को विकास में सहयोगी मानती है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और मध्यप्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। श्री चौहान ने मध्यप्रदेश में निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी प्रकार की कोई बाधा नहीं आने दी जायेगी। राज्य सरकार औद्योगिक विकास के माध्यम से युवाओं को भी आगे बढ़ने के अवसर देना चाहती है। युवाओं को कौशल सम्पन्न बनाने के साथ ही उनमें उद्यमिता का विकास भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों और कंपनी प्रमुखों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आमंत्रित किया। उन्होंने अमेरिका में बस गये सभी भारतीयों को भी इंदौर में 22- 23 अक्टूबर को होने वाली ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में भाग लेने के लिये आमंत्रित किया। श्री चौहान ने शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, लोक सेवा, निर्माण, बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों के मध्यप्रदेश में विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की।

    फ्रेण्डस ऑफ एम.पी. में संबोधन
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने फ्रेंडस ऑफ एम.पी. मंच को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश को दुनिया में आनंद के प्रसार की आकांक्षा रखने वाला राज्य बनाने के लिए सभी से मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने आनंद मंत्रालय के गठन के संबंध में भी बताया। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लोगों के विकास के लिए मौलिक मूल्य आधारित नागरिक सहभागिता की दृष्टि से इस फोरम को बनाया गया है। यह पहल मध्यप्रदेश के ऐसे व्यक्तियों को जोड़ने के लिए की गई, जो प्रदेश से बाहर या विदेशों में रहकर अपनी मातृभूमि से जुड़े रहना चाहते हैं। यह वेबसाइट मध्यप्रदेश सरकार को प्रदेश के मित्रों की पहचान करवाती है। उनके कौशल प्रतिभा और अनुभव को भविष्य के मध्यप्रदेश का विकास करने के लिए उपयोग करने में मददगार साबित हो रही है। यह मंच शुभचिंतकों, मित्रों और नीति-निर्धारकों के बीच एक सेतु का निर्माण करता है।

  • नर्मदा-संरक्षण अभियान का शुभारंभ 11 नवम्बर को अमरकंटक से

    भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश की जीवन रेखा नर्मदा नदी के संरक्षण में आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी। इसके लिये आगामी 11 नवम्बर को अमरकंटक से महत्वाकांक्षी अभियान का शुभारंभ किया जायेगा। उन्होंने अभियान की रूपरेखा और तैयारियों के संबंध में बैठक ली। उन्होंने कहा कि यह अभियान पूरी तरह जनता का होगा। इसमें संत समाज, विषय-विशेषज्ञों तथा स्वयंसेवी संगठनों और जन-सामान्य का सहयोग लिया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंत्रालय में बैठक में कहा कि सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान विचार-कुंभ में नर्मदा संरक्षण के लिये की गई घोषणा को जन-सामान्य के सहयोग से मूर्तरूप दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि नमामि देवी नर्मदे के नाम से प्रस्तावित यह अभियान देवउठनी ग्यारस के अगले दिन 11 नवम्बर को अमरकंटक से शुरू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान यात्रा के मार्ग के अनुसार प्रस्तावित 50 दिन के बजाय जरूरी होगा तो 100 दिन तक भी चलेगा। इस दौरान नर्मदा के दोनों तट से समानांतर यात्रा चलेगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 1000 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा में संत समाज, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के विशेषज्ञों, समाजसेवी संगठनों और ज्यादा से ज्यादा जन-सामान्य को जोड़ा जायेगा। यह यात्रा मुख्यत: स्वच्छता, वृक्षारोपण, जल-संरक्षण, नदी पुनर्जीवन, प्रदूषण नियंत्रण और जैविक खेती पर केन्द्रित होगी। इन विषयों के संबंध में लोगों को जागरूक करने के लिये यात्रा के मार्ग में पड़ने वाले गाँवों में जनसभाएँ की जायेगी। मुख्यमंत्री ने अभियान के संबंध में जनता एवं विषय-विशेषज्ञों के सुझाव लेने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अभियान पूरी तरह जनता का होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यात्रा के दौरान केवल अत्यंत जरूरी सेवाओं के वाहन ही चलेंगे। प्रत्येक दिन रात्रि में केम्प स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। प्रतिदिन यात्रा का शुभारंभ स्वच्छता कार्यक्रम से होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बहुउद्देश्यीय यात्रा में हर सप्ताह कम से कम एक दिन वे स्वयं शामिल होंगे। बताया गया कि यात्रा का मार्ग, अभियान का गीत एवं लोगो निर्धारित किया जाना है। साथ ही वेबसाईट भी तैयार की जायेगी। यात्रियों का पंजीयन भी किया जायेगा। अभियान में विभिन्न विभाग की भूमिका सुनिश्चित होगी। यात्रा के दौरान लोगों से वचन-पत्र और संकल्प-पत्र भी भरवाये जायेंगे। अभियान के क्रियान्वयन के लिये अपर मुख्य सचिव वन एवं योजना आर्थिक सांख्यिकी की अध्यक्षता में सात सदस्यीय प्रशासकीय कमेटी भी गठित की गई है। बैठक में मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, अपर मुख्य सचिव वन श्री दीपक खांडेकर, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री इकबाल सिंह बैस, प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्वत, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव नगरीय विकास श्री मलय श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती नीलम शमी राव, प्रबंध संचालक एप्को श्री अनुपम राजन, सचिव मुख्यमंत्री श्री विवेक अग्रवाल एवं श्री हरिरंजन राव उपस्थित थे।

  • प्रदेश के स्वास्थ्य सूचकांक में सुधार की नई पहल


    भोपाल : स्वास्थ्य सूचकांक में सुधार के लिए प्रदेश सरकार ने आज मंत्रालय में टाटा ट्रस्ट के साथ एम.ओ.यू. किया है। प्रदेश की ओर से मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किये गये। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्रीमती गौरी सिंह और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संचालक श्री व्ही.किरण गोपाल उपस्थित थे। समझौते के जरिये स्वास्थ्य के क्षेत्र में पोषण, मानसिक स्वास्थ्य एवं केंसर आदि के क्षेत्रों में टाटा ट्रस्ट स्वास्थ्य विभाग को सहयोग करेगा।
    प्रदेश के स्वास्थ्य सूचकांकों एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह समझौता किया गया है। इसमें टाटा ट्रस्ट के तकनीकी सलाहकार महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। प्रदेश के 6 पहुँचविहीन विकासखण्ड में काम किया जायेगा। इनमें बुरहानपुर के ब्लॉक खकनार, झाबुआ के राणापुर, बैतूल के शाहपुर, मण्डला के बिछिया, अनूपपुर के कोतमा और सिंगरोली जिले के देवसर को शामिल किया गया है। इन ब्लॉक के पहुँचविहीन क्षेत्रों में लोगों तक स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सुविधाएँ पाँच साल तक के बच्चों ,महिला एवं पुरुषों को मुहैया करवाई जायेगी। इसी प्रकार प्रजनन योग्य उम्र की महिलाएँ, गर्भवती महिलाएँ, नवजात शिशु एवं 2 से 5 साल के बच्चों में पोषण संबंधी सुविधाएँ बढ़ाने में टाटा ट्रस्ट सहयोग करेगा। समझौते के तहत तकनीकी सुविधाओं का असरदार ढंग से इस्तेमाल कर अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सहित सर्विस डिलीवरी, व्ही.एच.एन.डी.,ए.एन.सी. आदि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर उपलब्ध करवाई जायेगी। टाटा ट्रस्ट स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम एवं आर.एम.एन.सी.एच. कार्यक्रम में भी सहयोग करेगा। इसी प्रकार सभी 51 जिले में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित अधिकारियों और परामर्शदाताओं को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। एम.सी.पी. साफ्टवेयर के जरिये मलेरिया, टी.बी. एवं परिवार कल्याण कार्यक्रम की निगरानी भी की जायेगी। समझौते के अनुसार उज्जैन के जिला अस्पताल के साथ अनुबंध कर इस अस्पताल को नेशनल केंसर ग्रिड के रूप में स्थापित करने का काम किया जायेगा। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि प्रदेश के स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार के प्रयास किये जा रहे हैं। अपर मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा श्री एस.आर.मोहंती, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती नीलम शमी राव, प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास श्री जे.एन.कंसोटिया तथा ट्रस्ट की ओर से श्री वर्गीस तारापुरवाला, श्री संजीव फनसलकर और सुगंधा वेलिगा भी उपस्थित थे।

  • पंचायत स्तर पर मिट्टी परीक्षण के लिए मिनी लेब स्थापना के प्रयास : कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह

    भोपाल : केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह ने कहा कि पंचायत स्तर पर मिट्टी परीक्षण के लिए मिनी लेब स्थापना के प्रयास किये जा रहे हैं। कृषि मंत्री ने सांसद आदर्श ग्राम में उन्नत कृषि तकनीक के उपयोग एवं कृषकों को वॉटर-शेड के माध्यम से सिंचाई के संसाधन उपलब्ध करवाने की बात कही। उन्होंने अधिक पानी वाली फसलों में माइक्रो एरिगेशन ‍स्प्रिंकलर के उपयोग पर भी बल दिया। खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये एकीकृत उत्पादन सहायक होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को मृदा स्वास्थ्य-कार्ड बनवाकर मिट्टी के अनुरूप कृषि उपज लेने से ही खेती को लाभ का धंधा बनाने में मदद मिलेगी। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री सिंह आज रीवा में कृषि एवं अन्य संबंधित विभागों एवं कृषि वैज्ञानिकों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। जनसंपर्क तथा ऊर्जा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद श्री जनार्दन मिश्र उपस्थित थे। किसानों को परम्परागत खेती के बजाय व्यावसायिक कृषि की ओर प्रोत्साहित करने की जरूरत होगी। खेतों की मिट्टी के अनुरूप फसल का चयन किया जाये। इन सब उपायों से ही किसानों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने एकीकृत उत्पादन के लिये किसानों को कृषि विज्ञान केन्द्र में भ्रमण करवाने तथा कृषि वैज्ञानिकों को समय-समय पर किसानों को सम-सामयिक सलाह देने के निर्देश भी दिये। कृषि मंत्री ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाने में गति लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिले के जिन किसानों का गत वर्ष का लक्ष्य रह गया था, उसे चालू वर्ष में पूरा करवाया जाये। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने जिले में मत्स्य उत्पादन के लिये किसानों को तालाब बनाने के लिये करवाये गये कार्यों की जानकारी भी संबंधित अधिकारियों से ली। उन्होंने कहा कि किसानों को अन्य जिलों और प्रदेशों में भ्रमण पर ले जाकर नई-नई तकनीक से परिचित कराया जाये। -आत्मा- परियोजना में किसानों के जागरूकता कार्यक्रम निरंतर किये जायें। श्री सिंह ने कहा कि कृषि अधिकारी तथा कृषि वैज्ञानिक समन्वय से किसानों को नई तकनीक बतायें ताकि मध्यप्रदेश में खेती के क्षेत्र में जो अच्छा कार्य हुआ है, वह आगे भी चलता रहे। संचालक कृषि श्री एम.एल. मीणा ने प्रदेश में कृषि विकास के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की योजना से कृषि मंत्री को अवगत करवाया। कलेक्टर ने बताया कि रीवा जिले में एनआरएलएम की महिला समूहों द्वारा कृषि के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों के सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं।



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